Sunday, 10 April 2022

सतगुरु मेरे सांइयाँ दृढ़ कर पकरो बांह

करनी कठिन ।
करनी सरल।

रामनवमी 10/04/22

आज रामनवमी का आरती श्र्रृंगार करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
गुरुदेव 28/03/22से अपोलो अस्पताल में भर्ती थे और 08/04/22 को भोर में मुख्याश्रम लौटे ।
"शिव प्रसाद" की कृपा से मैं भी सुबह 09बजे श्रीचरणों में प्रणिपात किया। यात्रा से थके स्वामी जी के चरण सेवा का तात्कालिक लाभ मिलता है।
09/04/2022को महाष्टमी की शाम को राजकुमार के साथ फिर हाजिर हुआ। जय जय सुरनायक जन सुखदायक  का आरती बाद गायन हुआ।और आज सेवा व्यस्तता के कारण बाई जी आरती श्रृंगार के लिए उपलब्ध नहीं हैं तो यह सेवा मेरे पास आ गई।
हालांकि इस जीवन में सगुण ब्रह्म वर्तमान सतगुरु की आरती का शुभारंभ मेरे द्वारा ही 1987की गुरु पूर्णिमा से है। इसलिए जब भी मुझे फिर से आरती या श्रृंगार का अवसर मिलता है।चिर पुरातन स्मृतियां ताजी हो जाती है।
नवरात्र सफल हुआ।