Monday, 27 January 2025

नाम रूप गति अकथ कहानी

छब्बीस साल पुरानी बात है मैंने श्री स्वामी जी से कहा "जैसे कंधार और कश्मीर के नाम शनि के प्रभाव में है वैसे ही इसका नाम भी है इसका नाम बदल दीजिये। महाराज जी ने वैसा ही किया। थोडे़ दिन बीतने पर उसने कहा इसका पहनावा गुरु के अनुकूल अनुरूप नहीं है, इसका पहनावा बदल दिया जाय। महाराज जी ने कहा अब से पैंट शर्ट मत सिलाना। जो है फटने तक पहनना। 
मैंने उसका नाम बदलवाया उसने मेरा रूप। रूप भी ऐसा कि यह कहने की सुविधा रहे कि
*जस काछिअ तस चाहिय नाचा! "
           चारो कुतिया राम की
                     करत भजन में भंग। 
                           इनको कौरा डाल कर
                              तब करा सतसंग।। 

सारथी सहित रथ का दान

 रविवार दिनांक 29/12/24 को मैं ,छोटू और राजकुमार AGR के शो रुम सै Brezza  ZXI Smart plus(smart high brid) एसेसरीज सहित सोलह लाख में खरीद कर आरती से ठीक पहले आश्रम पहूँचे। काजू की बर्फी नरियल र क्या मैनें गुरु प्रसाद सिंह से कमालपुर से मँगवाया, घी की आरती जयोति ने भिजवाया। 
महाराज जी रथ पर विराजमान हुए। आरती पूजा में मैंने विनती की 
कहने को जीवन मेरा  है
        पर तन मन सब कुछ तेरा है
क्या तेरा है क्या मेरा है
       ए तू जाने या मैं जानू।। 
फिर दीपक रथ में रखकर मैंने समर्पयामि का संकल्प बोला
मैं संदीप कुमार सिंह शिष्य श्री श्री एक हजार एक सौ आठ अनंत श्री स्वामी धर्मात्मानन्द जी महराज के चरणों की सेवा में सरथी सहित रथ समर्पित करता हूँ। गुरु प्रसाद ने खूब जयकारे से समर्थन किया कराया। 
बुधवार एक जनवरी पच्चीस का भण्डारा नवीन रथ पर सजकर हुआ। आज के नवीन रथ के सारथी की सेवा छोटू को तथा हाथी के कोचवान की जिम्मेदारी  घरभरनानन्द जी को सौंपी गयी। मैं पच्चीस की टोली के साथ बाइक स्कार्ट में आगे आगे आगवानी कर रहा था। 
24//1//25 को कमालपुर में महाराज जी ने  रथ पर सवार होकर मुझे रथ संचालन की आज्ञा दिए। मैंने कहा "मैं रथ को अपने रास्ते से लेकर जाऊँगा। दूर तक चक्कर काट कर थोड़ी देर से पहुँचेंगे। सुरक्षित पहुँचेंगे। स्वामी जी ने कहा तुम्हें जिस रास्ते चलना सुगम हो उसी रास्ते चलो। सहयात्री शार्ट कट लेनो चाहते थे। हम बारह के बदले 
 चौबीस किमी चलकर आश्रम पहुंचे। 
सत्ताइसवें दिन मुझे ड्राइवर बनाने के तीन दिन पहले महाराज जी ने मुझसे पूछा" तुम
मुझे सकलडीहा लेकर चल सकते हो,? " मैंने कहा "अभी भीड़ में नहीं चला पाउँगा।"
"**अभ्यासेन तु कौन्तेय। "**
सत्ताइस जनवरी को मैंने उस्ताद छोटे से कहा " उन्तीस को सर्विस में बनारस जाना है एक सौ बारह का रेंज बचा है कल अभ्यास नहीं करूँगा। उस्ताद ने कल रिलायंस से तेल भरवाकर अभ्यास न छोडने की सलाह दी। 
सारथी होने का सौभाग्य 21/1/25


 सारथी सहित रथ का समर्पण 29/12/2025
रथ क्रमांक UP 65 F L7340