शनिवार,आज दिनांक 26/07/2025 को संध्या आरती के बाद मैंने श्री स्वामी जी से पूछा " धन्य सेवक जो अवसर पड़े। ठाकुर हो के सेवा करे"! मेरा आर्टिकल पढा़ आपने? उनके नहीं करने पर जब मैं आर्टिकल पढ़ने लगा। वे बोले बहुत लिखल हऽ। उनकी अनिच्छा जान मैंने बंद कर दिया।