दैनन्दिनी को आजकल कहते हैं
डायरी।डायरी लेखन साहित्य की एक विधा मान्य है। मैं शुरू से ही डायरी लेखन करता हूं।नाम दिया है""तेरी मेरी कहानी""
२३मार्च से ३०मार्च२०२१
यह २५ मार्च जूड़ा हरधन चन्दौली उ0प्र0 सतगुरु अभिनन्दन समारोह की एक स्मृति है।इस दिन की नई बात है महाराज जी के कहने पर विमला बाई जी द्वारा मेरा तिलक। और मेरे द्वारा बाई जी को जय सच्चिदानन्द का अभिवादन करना। उसके बाद हम अलग अलग वाहन से जूड़ा हरधन पहुँचे। वहां गुलाब द्वय ने अर्ध्य पाद्य से श्री स्वामी धर्मात्मानन्द जी महाराज परमहंस का अभिनन्दन किया।
शााम
को तीन बजे आरती हुई।आरती के साथ ही गुुुुरदेव मुख््य््याश्रम चलने के लिए ााााआसन से चल दिए।२७मार्च को जूड़ा हरधन के लोग यज्ञशेष लेकर मुख्याश्रम आत्मानुसंधान केन्द्र कल्याणपुरी बहरवानी में हाजिर हुए।। |
यज्ञशेष का एक अंश २८मार्च२०२१आज होलिका दहन है। परंपरा है कि आज उबटन लगाकर झिल्ली को होलिका की ज्वाला में इस भाव से दहन किया जाता है कि इसी के साथ हमारे सभी दुःख दारिद्र्य और क्लेश कलह तथा नास्तिकता भी दग्ध हो जाय। पारसाल भी इस अवसर पर छोटू और मैं श्रीीीेेेगणेश किए जिससे प््र््््ने |
अपने  |
| श्री स्वामी जी को उबटन लगाते मैं और सबेरानंदजी |
इस बार महाराज जी उबटन लगवााने में आनाकानी कर रहे थे।सबेेेेरानराानंद और मैने होोी जगाया"मंगले बनिया गुड़ न दे,मुंंंंह मलिअऊले भेली दे"! |
| 10मार्च2021को आश्रम के गेहूं की थ्रेसिंग की सेवा में लगा। |
21 जूू 21को श््र स्वामी जी ने कहा ट्रस्ट की स्थापना के लिए आजीवन सदस्य चुनना है, आ जाओ. मैं पहुँच गया, स्वामी जी ने सभी साधुओं का, मेरा तथा मिथििलेश का नाम मुझे लिखने को कहा.अपन छोोोड़ कर Sab Ka Naam likh diya Maharaj Ji Ne Nagina Sanjay aur Rajkumar ka naam Khud Unse likhva. Aaj dinank 25 June 2021ko aashram Mein ropani Shuru आज05मार्च2023को पुनः जूड़ा दौड़ा पर बाई जी ने श्री महाराज जी के बाद छोोो के कहने पर उसको और मुझे टीका लगाया। उसके पहले 08फरवरी2023को महाशिवरात्रि पर स्वयंश्ररीी स्वााा जी ने मुझे केशर तिलक लगायामीम
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