(24 फरवरी 25 का यादगार तिलक )खडान दौरा के अवसर पर श्री स्वामी जी के तिलक के बाद बाई जी ने भक्तों और साधुओं को भी तिलक लगाया। आज ही श्री स्वामी जी ने मुझे सार्वजनिक रूप से अपने ड्राइवर की सेवा का सौभाग्य सौंपा। घरभरनानंद जी सफारी में एस्कार्ट करते हुए रवाना हुए पीछे राजकुमार जी की नेक्सान चल रही थी। जैसे श्री स्वामी जी को चलना चाहिए आज की शमां वैसी ही है।
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